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मन की शक्ति

General 18-12-2017 334

मन की शक्ति

कहते हैं मन चंचल होता है पल में यहाँ और पल में वहां  l असल में भले हम सारा संसार न घूमे हों लेकिन मन ही मन में हम पूरी दुनिया घूम लेते हैं और क्या क्या सोच लेते हैं l मन की रफ़्तार  बिजली की रफ़्तार से भी तेज़ होती है l मन में अनेक तरह के भाव आते रहते हैं यही मन है जो हमें बुराई की तरफ भी ले जाती है और यही मन है जो हमें अच्छाई की तरफ भी ले जाती है तभी हमारे मन में अच्छी और बुरी भावना उत्पन्न होती है l ये हमारे ऊपर है की हम अच्छाई को अपनाये या बुराई को तभी कहा जाता है जिसने मन पे काबू कर लिया उसने दुनिया जीत लिया l अगर हमारे पास मन की शक्ति है तो हम बड़े बड़े कठिनाइओं से बाहर निकल सकते हैं, बड़े - बड़े पहाड़ हिला सकते हैं l इसके कई सारे उदाहरण इतिहास में मौजूद हैं l ये महाराणा प्रताप के मन का विश्वास ही था जो उन्होंने अपनी छोटी सी सैन्य टुकड़ी के साथ  अकबर के विशाल सेना से युद्ध करने चले गए  और नाको चने चबवा दिए l ये मन का विश्वास ही था जो कमजोर से दिखने वाले महात्मा गाँधी ने देश को अंग्रेज़ों से आज़ादी दिलवाई ,और ये मन का विश्वास ही था जो नील आर्मस्ट्रोंग चाँद पे यात्रा करने वाले पहले यात्री बने l  सिर्फ यही नहीं ऐसे और भी कई उदाहरण मजूद हैं l इसलिए मन की शक्ति पे हमेशा विश्वास रखना चाहिए क्यूंकि मन की शक्ति ही हमें हिम्मत देती है और हम पराजय को जीत में बदल सकते हैं l

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