Connect with us

Business

ऑनलाइन सामान बेचने के लिए नए नियम

Business 3-01-2018 1270

ऑनलाइन सामान बेचने के लिए नए नियम

ऑनलाइन उपभोक्ताओं के संरक्षण के लिए केंद्र ने  ई-कामर्स कंपनियों  द्वारा बेचे जाने वाले सभी उत्पादों पर अधिकतम एमआरपी देना अनिवार्य कर दिया है l इसके अलावा ई-कामर्स प्रोडेक्ट्स पर दूसरी जानकारी भी देना होगा जैसे कि एक्सपायरी डेट और कस्टमर केयर का भी ब्यौरा देना होगा l

कई सारी खरीदारी में उपभोक्ताओं की शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है l मंत्रालय ने यह भी कहा कि ऐसे चिकित्सा उपकरण जिन्हें दवाई के रूप में माना गया है उन्हें भी इन नियमों के दायरे में लाया गया है l अभी तक ऑनलाइन बेचे जाने वाले सामान पर सिर्फ एमआरपी ही छपी होती थी l इसके अलावा मंत्रालय को ऑनलाइन बेचे जाने वाले उत्पादों के पैकेट पर समुचित सूचनाएं नहीं होने की काफी शिकायतें मिली , जिसके बाद  यह कदम उठाया गया l

संशोधनों के तहत ई-कामर्स (ऑनलाइन) प्लेटफार्म पर बेचे जाने वाले सामान पर नियमों के तहत ब्योरा देना अनिवार्य होगा l एमआरपी के अलावा कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग डेट , एक्सपायरी डेट, शुद्ध मात्रा, देश और कस्टमर केयर का ब्योरा देना होगा l मंत्रालय ने यह भी  कहा है कि इस घोषणा के लिए छापे जाने वाले शब्दों और अंकों का आकार बढ़ाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को इन्हें पढ़ने में आसानी होगी l कोई भी व्यक्ति एक जैसे बंद पैकेट वाले सामान के लिए अलग-अलग एमआरपी नहीं रख सकता है l इसके अलावा सरकार ने शुद्ध मात्रा की जांच को अधिक वैज्ञानिक बनाया है l वहीं बारकोड-क्यूआर कोडिंग की इजाजत स्वैच्छिक आधार पर दी गई है l बंद पैकेट वाले सामान के लिए  उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पैकेटबंद सामग्री नियम में जून, 2017 में संशोधन किया था l कंपनियों को इस  नियम का पालन करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था l मंत्रालय के  बयान में कहा गया कि बंद पैकेट  सामग्री नियम, 2011 में संशोधन उपभोक्ताओं के हित के लिए और बिजनेस को आसान बनाने के लिए किया गया है l अब यह नियम 1 जनवरी, 2018 से लागू हो गया है l

देश में ई-कामर्स कंपनियों में मुख्य रूप से स्नैपडील,मिंत्रा, फ्लिपकार्ट, अमेजन इंडिया,  ग्रोफर्स और बिगबास्केट अच्छा कारोबार कर रही हैं l

Please Note : The opinions/views expressed in the above article/content are the personal views/opinions of the author and do not represent the views of Nimbuzz or the Publisher MGTL.
Continue Reading